Question Bank

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11. प्रत्येक प्रश्न में कथनों के बाद दो निष्कर्ष दिए गए हैं। तार्किक दृष्टि से विचार करते हुए बताइए कि कौन-सा विकल्प सही है:

कथन:
A) बुद्धिमान लोगों में गहरी अंतर्दृष्टि होती है।
B) अनिल बहुत जल्दी चीज़ों के भीतर देख पाने में सक्षम है।

निष्कर्ष:
I) अनिल बुद्धिमान है।
II) अनिल में गहरी अंतर्दृष्टि है।

12. नीचे दिए गए गद्यांश के अंत में एक निष्कर्ष दिया गया है। गद्यांश के अध्ययन के आधार पर सही उत्तर चुनिए:

गद्यांश:
“योग को किसी प्रकार की अंतर्ज्ञानात्मक अनुभूति या आनंद की अवस्था तक पहुँचाने वाला माना जाता है। मैंने कुछ चुने हुए ‘आसन’ और श्वास संबंधी अभ्यास किए हैं, परंतु शरीर और मन के प्रारंभिक अभ्यासों से आगे नहीं बढ़ पाया हूँ और मेरा मन अभी भी अनुशासनहीन बना हुआ है। शरीर का अनुशासन, जिसमें सही भोजन और पेय शामिल हैं, योग प्रणाली द्वारा बताए गए नैतिक अभ्यासों के साथ होना चाहिए। इसमें अहिंसा, सत्यवादिता, ब्रह्मचर्य आदि शामिल हैं। अहिंसा केवल शारीरिक हिंसा से दूर रहना नहीं है, बल्कि द्वेष और घृणा से भी बचना है।”

प्रश्न: एक सच्चे अहिंसा के अनुयायी के मन में किसी के प्रति बुरी भावना नहीं होती।

13. गद्यांश:
“योग को किसी प्रकार की अंतर्ज्ञानात्मक अनुभूति या आनंद की अवस्था तक पहुँचाने वाला माना जाता है। मैंने कुछ चुने हुए ‘आसन’ और श्वास संबंधी अभ्यास किए हैं, परंतु शरीर और मन के प्रारंभिक अभ्यासों से आगे नहीं बढ़ पाया हूँ और मेरा मन अभी भी अनुशासनहीन बना हुआ है। शरीर का अनुशासन, जिसमें सही भोजन और पेय शामिल हैं, योग प्रणाली द्वारा बताए गए नैतिक अभ्यासों के साथ होना चाहिए। इसमें अहिंसा, सत्यवादिता, ब्रह्मचर्य आदि शामिल हैं। अहिंसा केवल शारीरिक हिंसा से दूर रहना नहीं है, बल्कि द्वेष और घृणा से भी बचना है।”

प्रश्न: योग केवल कुछ शारीरिक व्यायामों और आसनों का समूह है।

14. नीचे दिए गए गद्यांश के अंत में एक निष्कर्ष दिया गया है। गद्यांश के अध्ययन के आधार पर सही उत्तर चुनिए:

गद्यांश:
“योग को किसी प्रकार की अंतर्ज्ञानात्मक अनुभूति या आनंद की अवस्था तक पहुँचाने वाला माना जाता है। मैंने कुछ चुने हुए ‘आसन’ और श्वास संबंधी अभ्यास किए हैं, परंतु शरीर और मन के प्रारंभिक अभ्यासों से आगे नहीं बढ़ पाया हूँ और मेरा मन अभी भी अनुशासनहीन बना हुआ है। शरीर का अनुशासन, जिसमें सही भोजन और पेय शामिल हैं, योग प्रणाली द्वारा बताए गए नैतिक अभ्यासों के साथ होना चाहिए। इसमें अहिंसा, सत्यवादिता, ब्रह्मचर्य आदि शामिल हैं। अहिंसा केवल शारीरिक हिंसा से दूर रहना नहीं है, बल्कि द्वेष और घृणा से भी बचना है।”

प्रश्न: नैतिक तैयारी का अर्थ सही भोजन और पेय लेना है।

15. निम्नलिखित कथनों को ध्यान से पढ़िए: i) प्रत्येक मानव नश्वर है। ii) सभी पुरुष मानव हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा उचित निष्कर्ष निकाला जा सकता है?